कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
शनिवार, 8 फ़रवरी 2020
प्यार
कल तक था प्यार जिनको आज छोड़े जा रहे।
दौलत के वास्ते वे दिल को तोड़े जा रहे।
जिनके लिए तो मैंने सबको छोड़ दिया था,
बनकर के बेवफ़ा वे दिल को तोड़े जा रहे ।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
श्री अयोध्या धाम
9918140405
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