देश की सुरक्षा में जो प्राण अर्पण किये।
पूज्य सैनिकों के बलिदान को नमन है।।
गोली सीने पर खाये पग भी नहीं हटाये।
भारत के वीर बलवान को नमन है।।
तन था लहूलुहान मन में भरा था जोश।
देश प्रेम से भरे गुमान को नमन है।।
निज हित छोड़कर सीमा पर डटे रहे।
ऐसे मेरे हिन्द के जवान को नमन है।।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
श्री अयोध्या धाम
9918140485