कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
गुरुवार, 22 जुलाई 2021
हमारा दिल
प्यार मुझको तुम्हीं से है मगर क्या तुम भी करती हो।
हमारा दिल तड़फ उठता क्या मुझको याद करती हो।
निभाना सीख लेना तुम प्रेम आसान है करना,
खुलकर जिंदगी जी लो जमाने से क्या डरती हो।
✍️ ए ए द्विवेदी
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