गुरुवार, 22 जुलाई 2021

हमारा दिल


प्यार मुझको तुम्हीं से है मगर क्या तुम भी करती हो।
हमारा दिल तड़फ उठता क्या मुझको याद करती हो।
निभाना  सीख   लेना   तुम   प्रेम  आसान  है  करना,
खुलकर  जिंदगी  जी  लो  जमाने  से  क्या डरती हो।
✍️ ए ए द्विवेदी

शुक्रवार, 18 जून 2021

तीन - चार शब्द

आइए
रुकिए
आजमाइए
ठहरिए
फिर
तोड़िए
जनाब
ये दिल ही तो है।
✍️ अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम
       9918140485

मंगलवार, 4 मई 2021

शहीदों को नमन है


देश की सुरक्षा में जो प्राण अर्पण किये।
पूज्य सैनिकों के बलिदान को नमन है।।
गोली सीने पर खाये पग भी नहीं हटाये।
भारत  के  वीर  बलवान  को  नमन है।।
तन था लहूलुहान मन में भरा था जोश।
देश  प्रेम  से  भरे  गुमान  को  नमन है।।
निज हित  छोड़कर  सीमा पर  डटे रहे।
ऐसे मेरे  हिन्द के  जवान  को  नमन है।।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

इच्छाएं

ये दुनिया रंगमंच है। हम सबको यहां अपने अपने किरदार को बखूबी निभाना पड़ता है। दुःख का मूल कारण हमारी आवश्कताएं नहीं हमारी इच्छाएं हैं। हमारी आवश्यकताएं तो शायद कभी पूर्ण भी हो सकती हैं। मगर इच्छाएं नहीं। इच्छाएं कभी पूरी नहीं हो सकतीं और ना ही किसी की हुईं हैं आज तक। एक इच्छा पूरी होती है तभी दूसरी खड़ी हो जाती है। इसलिए अगर इस रंगमंच रूपी दुनिया में खुश रहना है तो अपनी इच्छाओं को समेटने का भरपूर प्रयास कीजिए।
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

मेरे राम जी

हम सबकी पहचान हैं मेरे राम जी।
भारत के अभिमान हैं मेरे राम जी।
नभ चमकें दिनमान हैं मेरे राम जी।
सहज सरल भगवान हैं मेरे राम जी।
गौरव के प्रतिमान हैं मेरे राम जी।
पूजा हैं अरमान हैं मेरे राम जी।
अंतर्मन के प्राण हैं मेरे राम जी।
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम
      9918140485

रविवार, 18 अप्रैल 2021

कहीं प्यार तकरार

कहीं इकरार होता है कहीं इनकार होता है।
कहीं पे प्यार होता है कहीं तकरार होता है।
दिखावे के जहां से दूर ही रहिए तो अच्छा है,

शनिवार, 10 अप्रैल 2021

ले लो खबर जो मेरी अख़बार बन रहूंगा

ले लो खबर जो मेरी अख़बार बन रहूंगा।
बन जाओ म्यान मेरी तलवार बन रहूंगा।
घर की मेरे  इज्जत  देवी  हो तुम हमारी,
बन जाओ  नाव मेरी पतवार बन रहूंगा।
✍️ अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम

शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021

चंद्रमा

चंद्रमा  मानव चरण  से चूर होता  जा रहा है।
विश्व का हर बिंदु ही कम दूर होता जा रहा है।
किंतु क्या बतला सकेगा आज का विज्ञान युग,
आदमी  क्यों  आदमी से  दूर होता  जा रहा है।
✍️राम किशोर तिवारी दादा जी🙏

रविवार, 4 अप्रैल 2021

जुल्फें

पागल मन तब तब होता है।
जब जब जुल्फें लहराती हैं।।


बहुत देखे लोग


बहुत देखा दुनिया
बहुत देखे लोग
पर यहां सच्चा कोई नहीं
झूठा ही सही

कोई है,
यहां पे
खरीदार!
जो मेरी खुशियों
मेरे गमों को खरीद सके।

आज अपने सपने
अपनी इच्छाओं
और यहां तक कि
अपने आप को बेचने निकला हूं।
दुनिया की इस भीड़ में।

पर यह क्या?
यहां हर जगह मायूसी
घबराए हुए लोग
इंसानियत के टुकड़े
जहरीली हवाएं
भ्रमित दिशाएं
कोई कुछ तो बोलो

क्या थोड़ी से गुंजाइश है
मेरी ख्वाहिशों को ही
खरीद लो कोई।
मेरी बर्बादी में ही
साथ दो कोई।
गलती किया
इस इंसानी दुनिया में
गमे बाज़ार खुद को बेचने निकला हूं।
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम
       9918140485

रविवार, 28 मार्च 2021

होली

लाल गुलाबी पीली देखो खुशियों की बौछार है होली।
रंग बिरंगे नेह रंग से रंगे गाल त्योहार है होली।

नवरंग सभी रंगीले देखो भर पिचकारी ले आए,
रंगे बाल में उलझा रंग जो निखर जाय तो प्यार है होली।

आओ यारों इसी बहाने इस होली पर ये प्रण ठानें,
भुला दुश्मनी गले लगाएं मिट जाए तकरार है होली।
✍️ ए ए द्विवेदी
श्री अयोध्या धाम
9918140485

सोमवार, 22 मार्च 2021

संबंध सबसे

संबंध  सबसे  गगन  सा  जुड़ा है।
बिना  पंख  स्नेह  से  ही  उड़ा  है।
सभी क्षेत्रवासी का आशीष हो गर,
सुख दुख  में भाई  हमेशा खड़ा है।
✍️ ए ए द्विवेदी 
श्री अयोध्या धाम
9918140485

शुक्रवार, 19 मार्च 2021

ईश्वर मित्रों से मिलवा दो

वही पुराना दिन लौटा दो।
ईश्वर, मित्रों से मिलवा दो।।

कितने भी रहते उदास।
मिलते जब होता हास परिहास।।

छोटे से क्यों बड़े हुए।
याद आता है पल मस्ती भरे।।

आते हैं जब वो दिन याद।
दिल मांगे बस आशीर्वाद।।

वही पुराना दिन लौटा दो।
ईश्वर, मित्रों से मिलवा दो।।.....1

जीवन क्यों ऐसा होता है।
हर पल सबको खोता है।।

शायद फुरसत नहीं किसी को।
दोस्त  जरूरी  नहीं  किसी को।।

इंजीनियर व्यापारी मैनेजर हूं।
कहता है कोई  मैं  डॉक्टर  हूं।।

वही पुराना दिन लौटा दो।
ईश्वर, मित्रों से मिलवा दो।।.....2

पहले का राम और घनश्याम।
अभी व्यस्त हूं बात करूंगा शाम।।

चलो फ़ेसबुक पर मिलते हैं।
व्हाट्सअप पर हाल लिखते हैं।।

जो कहीं कहीं था पागलपन।
क्यों बिखर गया वो अपनापन।।

वही पुराना दिन लौटा दो।
ईश्वर, मित्रों से मिलवा दो।।

कॉलेज  स्कूल की यादें थीं।
वो गली मोहल्ले की बातें थीं।।

दुनियादारी में झूल गए।
ओ आज सभी पल भूल गए।।

सभ्यता को अपने दूर किए।
सब प्राप्त पदों पर फूल गए।।

भूले मित्रों को मित्र बना दो।
न खत्म कभी वो इत्र बना दो।

वही पुराना दिन लौटा दो।
ईश्वर, मित्रों से मिलवा दो।।
आपका अपना ✍️
कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
श्री अयोध्या धाम
9918140485

गुरुवार, 18 मार्च 2021

वृंदावन कर डाला

वीराना सा महल ये मन का इसको मधुवन कर डाला।
प्रेम  समर्पण  के भावों  से  जीवन वृंदावन कर डाला।
कभी मिलन की बातें होतीं कभी बिछड़ने सा एहसास,
सपने में छूकर ही जिसने तन मन चंदन वन कर डाला।
✍️ ए ए द्विवेदी
श्री अयोध्या धाम
9918140485

रविवार, 14 मार्च 2021

बेटियां

दिल में सदा ही रहती हैं जान बेटियां।
आंगन  व मेरे घर की  हैं शान बेटियां।

परिवार की इज्जत वा पहचान भी यही,
कहते यहां  सभी  क्यों मेहमान बेटियां।

रिश्ते अलग अलग  हैं पर रूप एक ही,
माता बहन वा बीवी अभिमान बेटियां।

भगवन वहीं पे बसते सम्मान हो जहां,
वेदों  ऋचाओं  का  ही हैं  गान बेटियां।
✍️ अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम
      9918140485

शनिवार, 13 मार्च 2021

हमारा दिल


प्यार मुझको तुम्हीं से है मगर क्या तुम भी करती हो।
हमारा दिल तड़फ उठता क्या मुझको याद करती हो।
निभाना  सीख   लेना   तुम   प्रेम  आसान  है  करना,
खुलकर  जिंदगी  जी  लो  जमाने  से  क्या डरती हो।
✍️ ए ए द्विवेदी

अंबर चाहता हूं

ख्वाहिश न फरवरी है दिसंबर चाहता हूं।
तुम   जान  हो  हमारी  नंबर  चाहता  हूं।
मिलने की इतनी जिद भी अच्छी नहीं है,
हूं  जहां  न  खुश  हूं  अंबर  चाहता  हूं।

बुधवार, 10 मार्च 2021

शिव

जब जब धरती पे अत्याचार बढ़ा तब।
धर महाकाल रूप आए भगवान हैं।।

चाहत सुधा की चाह मन में लगाए सभी।
नीलकंठ खुश हुए किए विषपान हैं।।

कण कण हैं बिराजें रोम रोम में समाए।
एक ही हैं सत्य इन पर अभिमान है।।

सबसे बड़े हैं दयालु कृपालु भोले बाबा।
देवों के भी महादेव सबसे महान हैं।

प्रेम विवाह स्वीकार नहीं

अनीति अत्याचार यहां पर यह समाज सह लेता है।
होता है व्यभिचार यहां पर यह समाज सह लेता है।
प्रेम विवाह स्वीकार हो कैसे मानवता वलिवेदी पर,
दुष्कर्म बलात्कार यहां पर यह समाज सह लेता है।
✍️ ए ए द्विवेदी
श्री अयोध्या धाम
9918140485

मंगलवार, 9 मार्च 2021

मिटाता मैं नाम को तुम्हारे

लिखता  हूं  फिर  मिटाता मैं नाम को तुम्हारे।
प्यासा  भटक रहा हूं  लिए  जाम को तुम्हारे।
मरुथल हृदय के पथ में जीवन मिला है बंजर,
दर्शन की  चाह में  हम आए धाम को तुम्हारे।

सोमवार, 8 मार्च 2021

मां

अपने ही आंसुओं से तन धो लेता हूं।
यूं ही अक्सर  सपनों  में  खो लेता हूं।
मुझ जैसा बदनसीब भला कौन होगा,
मां की  याद  आती  है  तो रो लेता हूं।
✍️ ए ए द्विवेदी
श्री अयोध्या धाम


मंगलवार, 2 मार्च 2021

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

मिश्री जुबां

नज़रों से दिल पर करते घोटाले।
कभी बंद खुलते जीवन के ताले।
किसी से भरोसा न उम्मीद रखना,
मिश्री जुबां पर हैं मन से ये काले
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

इन्द्रागांधी मैम

उन्नति के पथ पर सदा, बनी रहें गतिमान।
संस्कार उत्कृष्ट हो, सदा बाँटिए ज्ञान।।

ईश कृपा हो आप पर, बनिए आप महान।
सुख अनन्त हर पल मिले,पग पग पर सम्मान।।

डीटीए में दो दशक , करती रहीं प्रकाश।
इन्द्रागाँधी मैम जी, मिले मुक्त आकाश।।

ज्ञान गंग को बहाकर, धोईं मन के मैल।
बच्चों के मन में गई, ज्ञान कौमुदी फैल।।

सभी रखेंगे आपका, याद कार्य व्यवहार।
यह विद्यालय आपको , सकता नहीं बिसार।।

सेवा से हो मुक्त अब, पूर्ण करें वह काम।
जीवन की व्यस्तता में, जिनपर लगे विराम।।

तन-मन-जीवन संतुलन, रख करिए हर काम।
है अनन्त यह कामना , करें कृपा प्रभु राम।।

कुछ दिन का सान्निध्य, हम सदा रखेंगे याद।
हम सबको नित आपका, मिले शुभाशीर्वाद।

डीटीए परिवार को, दिया आपने हर्ष।
बच्चों के हित में किया, नित्य विचार-विमर्ष।।

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

भीख

आपने सिर्फ बुरा ही बुरा कह डाला मुझको।
इश्क की भीख के सिवा मैंने मंगा ही क्या था।।

भक्त श्रवण

तन है मानव मिला तो मनन कीजिए।
मात्र छण भर प्रभु का भजन कीजिए।
तेरे  बिगड़े   सभी   काम  बन  जाएंगे,
भक्त श्रवण सा बन अनुगमन कीजिए।
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त

गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

मोहब्बत

बिना शर्तों के रिश्ताा  जो निभाए वो मोहब्बत है।
न देखे रूप रंग दिल को जो भाए वो मोहब्बत है।
करके विश्वास  समझा  प्रेम को पूजा यहां जिसने,
वही बन श्याम राधा सा जो  छाए वो मोहब्बत है।
✍️अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

सोमवार, 1 फ़रवरी 2021

इस सूने दिल के आंगन में अब इंतजार तुम्हारा है।कहां हो ख़्वाब में आने वाले दिल मेरा अब हारा है।मुमकिन हो यदि आ पाना तो अंत समय में ही आ जाना,धूप छांव के सुख दुख में ये जीवन तुझपे वारा है।✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त श्री अयोध्या धाम 9918140485

इस  सूने  दिल  के  आंगन  में  अब  इंतजार  तुम्हारा है।
कहां  हो  ख़्वाब  में  आने  वाले  दिल  मेरा अब हारा है।
मुमकिन हो यदि आ पाना तो अंत समय में ही आ जाना,
धूप  छांव  के  सुख  दुख  में  ये  जीवन  तुझपे  वारा है।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

सोमवार, 25 जनवरी 2021

गणतंत्र दिवस

डी   टी   ए   सीनियर   सेकंडरी   स्कूल, 
अध्ययन  भूमि   यह   मंदिर  समान  है।।
छात्र एवं गुरुजन अतिथि जो भी आए यहां,
जोड़ कर सभी  को  प्रणाम है प्रणाम है।।
छब्बीस जनवरी गणतंत्र दिवस है आज,
आज ही के दिन लागू हुआ संविधान है।।
जाति धर्म विविध अनेकता में एकता है,
इसी  से  हमारा  देश  भारत  महान  है।।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
     श्री अयोध्या धाम
     9918140485

सोमवार, 11 जनवरी 2021

नवयुवक

कॉलेज का बहाना कर मिलने पार्क जाते हैं।
न  वंदेमातरम है  याद फिल्मी  हाल गाते  हैं।
भला कैसे करेंगे  नवयुवक  ये देश का अपने,
गंवाने होश जो अपना मदिरालय को जाते हैं।

शनिवार, 9 जनवरी 2021

हिंदी

नेह की जननी हर भाषा की हिंदी ही वो क्यारी है।
निज भाषा  पर गर्व हमें है  हिंदी मुझको प्यारी है।
अ से अनपढ़ होकर  के हम  ज्ञ से ज्ञानी बन जाते,
मां की ममता जैसी लगती, हिंदी मुझको न्यारी है।
✍️कवि अरुण द्विवेदी अनन्त
      श्री अयोध्या धाम
      9918140485